PM Kisan 22nd Installment: भारत के करोड़ों किसान पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। अब यह इंतजार खत्म हो गया है। सरकार ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 मार्च 2026 को असम के गुवाहाटी से इस किस्त को जारी करेंगे। इस योजना के तहत पात्र किसानों के बैंक खातों में सीधे ₹2000 की राशि ट्रांसफर की जाएगी। यह खबर उन लाखों छोटे और सीमांत किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है जो इस आर्थिक सहायता पर निर्भर रहते हैं।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना क्या है?
पीएम किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल ₹6000 की सहायता राशि दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में, यानी हर बार ₹2000 करके, सीधे किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए भेजी जाती है।
अब तक इस योजना की 21 किस्तें सफलतापूर्वक जारी की जा चुकी हैं। 21वीं किस्त नवंबर 2025 में तमिलनाडु के कोयंबटूर से जारी हुई थी, जिसमें करीब 9 करोड़ किसानों को लाभ मिला था। यह योजना दुनिया के सबसे बड़े डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर कार्यक्रमों में से एक मानी जाती है। खरीफ, रबी और अन्य फसल सीजन में यह आर्थिक मदद किसानों के लिए बेहद जरूरी होती है।
22वीं किस्त कब और कैसे जारी होगी?
सरकारी घोषणा के अनुसार, पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त 13 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा असम के गुवाहाटी से जारी की जाएगी। इस बार भी राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे किसानों के आधार से लिंक्ड बैंक खातों में भेजी जाएगी। किस्त जारी होने के बाद कुछ ही घंटों में अधिकतर किसानों के खाते में पैसे आ जाते हैं।
यदि किसी किसान के खाते में किस्त नहीं आती, तो इसकी कई वजहें हो सकती हैं जैसे eKYC न होना, आधार-बैंक लिंक न होना या भूमि रिकॉर्ड में गड़बड़ी। ऐसे किसानों को तुरंत पीएम किसान पोर्टल pmkisan.gov.in पर जाकर अपनी जानकारी अपडेट करनी चाहिए। समय रहते जानकारी सही करने पर अगली किस्त में राशि मिल सकती है।
eKYC क्यों है जरूरी और इसे कैसे करें?
पीएम किसान पोर्टल पर स्पष्ट रूप से लिखा है कि सभी पंजीकृत किसानों के लिए eKYC कराना अनिवार्य है। जिन किसानों ने अभी तक eKYC नहीं कराई है, उनके खाते में 22वीं किस्त की राशि नहीं आएगी। eKYC दो तरीकों से की जा सकती है। पहला तरीका है ऑनलाइन — pmkisan.gov.in पर जाकर ओटीपी के माध्यम से। दूसरा तरीका है ऑफलाइन — नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर यानी CSC पर जाकर बायोमेट्रिक के जरिए।
eKYC के अलावा किसानों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक हो और भूमि रिकॉर्ड अपडेट हो। नए किसान जो इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वे पोर्टल पर “New Farmer Registration” विकल्प के जरिए अपना पंजीकरण करा सकते हैं। मोबाइल नंबर, आधार और बैंक खाते की जानकारी सही होनी बेहद जरूरी है।
किस्त का स्टेटस कैसे चेक करें?
किसान अपनी किस्त की स्थिति ऑनलाइन घर बैठे आसानी से जांच सकते हैं। इसके लिए pmkisan.gov.in पोर्टल पर जाएं और “Farmers Corner” सेक्शन में “Know Your Status” या “Beneficiary Status” विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर दर्ज करें और OTP के जरिए वेरीफाई करें। इसके बाद आपकी सभी किस्तों की जानकारी स्क्रीन पर दिख जाएगी।
स्टेटस पेज पर eKYC की स्थिति, बैंक खाते की डिटेल और पिछली सभी किस्तों का विवरण देखा जा सकता है। यदि किसी किस्त का भुगतान लंबित दिखे तो तुरंत संबंधित विभाग या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। किसान PM Kisan हेल्पलाइन नंबर 155261 या 1800115526 पर भी जानकारी ले सकते हैं।
योजना में कौन पात्र है और कौन नहीं?
पीएम किसान योजना का लाभ देश के सभी छोटे और सीमांत किसान परिवार उठा सकते हैं। भारत में करीब 85 प्रतिशत किसान दो हेक्टेयर से कम जमीन के मालिक हैं, और यह योजना उनके लिए विशेष रूप से फायदेमंद है। योजना का लाभ पाने के लिए किसान का नाम भूमि रिकॉर्ड में होना जरूरी है और उसे सरकारी पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए।
हालांकि कुछ श्रेणियों को इस योजना से बाहर रखा गया है। आयकर दाता, सरकारी नौकरी करने वाले परिवार, ₹10,000 से अधिक मासिक पेंशन पाने वाले, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील जैसे पेशेवर और संस्थागत भूमि धारक इस योजना के पात्र नहीं हैं। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी पात्रता की जांच पोर्टल पर करें और जानकारी सही रखें।
22वीं किस्त का किसानों के लिए महत्व
पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त ऐसे समय में जारी हो रही है जब रबी फसल की कटाई का मौसम चल रहा है। इस दौरान किसानों को कृषि उपकरण, बीज और अन्य जरूरतों के लिए पैसों की आवश्यकता होती है। ₹2000 की यह राशि भले ही छोटी लगे, लेकिन छोटे किसानों के लिए यह बड़ी आर्थिक मदद साबित होती है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी यह योजना अहम भूमिका निभाती है।
इस योजना से अब तक करोड़ों किसानों को सीधा फायदा मिल चुका है। सरकार समय-समय पर योजना की समीक्षा करती है और पात्र किसानों तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए तकनीकी सुधार किए जाते हैं। 22वीं किस्त का जारी होना इस बात का प्रमाण है कि सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों और सरकारी पोर्टल pmkisan.gov.in पर उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर तैयार की गई है। किस्त की तारीख और राशि सरकार द्वारा बदली जा सकती है। किसी भी आधिकारिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित सरकारी विभाग या पोर्टल से संपर्क करें।